हस्त रेखा शास्त्र का इतिहास

हस्त रेखा शास्त्र का इतिहास
प्राचीन भारत में लोग इस शास्त्र के महत्व से भली भाटी परिचित थे यह विज्ञानं समुद्रिका शास्त्र का एक भाग है 
इस विज्ञानं को जानने वाले लोग शरीर के अंगो के आकर प्रकार और रंग के द्वारा व्यक्ति विशेष के गुणों-अवगुणो के बारे में बता देते थे 
इस शास्त्र के एक छोटे से भाग "हस्त रेखा " शास्त्र का ज्ञान आगे जाकर चीन से लेकर रोम तक फ़ैल गया 
आधुनिक काल में ज़्यदातर लोग "चेरो" एक आयरिश हस्त रेखा शास्त्री के अद्ध्यनो को महत्व देते है 
हस्त रेखा शास्त्र मूलतः हाथ के दो  भागो में बता हुआ है 
पहले भाग मे  हम लोग हाथ के आकर प्रकार और  रंग रूप  द्वारा व्यक्ति के बारे मेंविशेषतः  स्वभाव के बारे में बताते है 
 दूसरे भाग में हम लोग व्यक्ति के हाथ के अंदर उपस्थित रेखाओ के द्वारा  व्यक्ति के जीवन में होने वाली घटनाओ के बारे में बता पाते है I इन सब बेसिक  बातो  बारे में मेने आपको अपने चैनल के पहले वीडियो में बताया है अगर आप लोगो ने वह वीडियो नहीं देखा है तो वो वीडियो आप इस लिंक  पर देख सकते है hast rekha ka
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